सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) ने सोमवार दोपहर 12वीं बोर्ड के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। 15 फरवरी से 30 मार्च के बीच हुई कोरोना प्रभावित परीक्षा में कुल 11 लाख 92 हजार 961 छात्र बैठे थे और उनमें से 10 लाख 59 हजार 80 पास हुए हैं। टोटल पास पर्सेंटेज 88.78% रहा है जो 2019 के मुकाबले 5.38% ज्यादा है।
5.96% से आगे रहीं लड़कियां
वहीं, परीक्षा में एक बार फिर लड़कियों ने बाजी मारते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया। इस बार के रिजल्ट में लड़कियां लड़कों से 5.96% से आगे रहीं। लड़कियों का पास पर्सेंटेज 92.15 जबकि लड़कों का पर्सेंटेज 86.19% रहा। 12वीं के नतीजों में लगातार 5वीं बार लड़कियों ने लड़कों से बाजी मारी है। वहीं, इस बार लगातार छठीं बार लड़कियां आगे रहीं। बोर्ड परीक्षा में 2014 में आखिरी बार सार्थक अग्रवाल 99.6 प्रतिशत के साथ टॉपर बने थे। इसके बाद से लगातार 5वें साल लड़कियां टॉपर हैं।
फॉरेन के 94.26% स्टूडेंट्स हुए पास
इसके अलावा विदेश स्थित CBSE स्कूलों में इस बार स्टूडेंट्स का पास परसेंटेज 94.26% रहा जबकि पिछले साल यह परसेंटेज 95.43% था। साथ ही इस साल परीक्षा में शामिल हुए ट्रांसजेंडर्स के पास परसेंटेज में भी गिरावट देखने को मिली। पिछले साल जहां 83.33% ट्रांसजेंडर्स ने परीक्षा में सफलता हासिल की थी। वहीं, इस साल यह पासपरसेंटज सिर्फ 66.67% ही रहा।
पिछले साल से 70 दिन लेट रिजल्ट
पिछले साल रिजल्ट 2 मई को आए थे, लेकिन इस वर्ष कोरोना लॉकडाउन के कारण जुलाई में आ रहा है। कोरोना की वजह से स्थगित हुई परीक्षाएं1 से 15 जुलाई के बीच आयोजित कीजानीथी, लेकिन इस बार बोर्ड कोरोना लॉकडाउन के कारण पैदा हुए परिस्थितियाें के चलते बाकी एग्जाम नहीं करा पाया है। इसी वजह से मेरिट लिस्ट और टॉपर्स की लिस्ट भी जारी नहीं की जा रही है।
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