हाल ही में वैश्विक उच्च शिक्षा के क्षेत्र की अग्रणी कंपनी QS ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार, विदेशी शिक्षा का इरादा रखने वाले भारतीय स्टूडेंट्स में से करीब 50 फीसदी स्टूडेंट्स को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। रिपोर्ट में इसकी मुख्य वजह कोविड-19 को माना गया है। फॉरेन में पढ़ने से पीछे हटने का यह ट्रेंड अनेक देशों के स्टूडेंट्स के बीच दिखाई दे रहा है। दुनिया के जाने-माने इंस्टीट्यूशंस भी इसे लेकर गंभीर हैं। कई यूनिवर्सिटीज अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स को आकर्षित करने के लिए कई कदम उठा रही हैं। इनमें फीस में छूट, ऑनलाइन क्लास की सुविधा भी शामिल है।
यूनाइटेड किंगडम
- यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स सभी कोर्सेज के जरिए स्टूडेंट्स को कोविड के बाद की दुनिया के लिए तैयार करना चाहती हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स को इस यूनिवर्सिटी द्वारा कोरोनावायरस पर की गई रिसर्च के बारे में बताया जाएगा। छात्रों को फेस-टू-फेस लेक्चर्स के साथ ऑनलाइन एजुकेशन भी दी जाएगी।
- यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिआ ने एप्लीकेशन प्रोसेस की सरलता के लिए विशेष परिस्थितियों में डिग्रीज और सर्टिफिकेट्स की ऑनलाइन कॉपीज को स्वीकार करने का नियम बनाया है।
फ्रांस
फ्रांस ने भारतीय स्टूडेंट्स, शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए अपनी सीमाओं को खोल दिया है। यह ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। इसके लिए मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि में सात फ्रांसीसी वीजा सेंटर केंद्र कुछ दिनों पहले शुरू कर दिए गए हैं। यहां चुनिंदा वीजा आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
ऑस्ट्रेलिया
- इस देश में कई यूनिवर्सिटीज स्टूडेंट्स को फी-वेवर्स और आर्थिक सहायता दे रही हैं। उदाहरण के लिए विक्टोरिया स्थित डीकिन यूनिवर्सिटी ने कोरोना महामारी के कारण तकलीफों का सामना कर रहे अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स के लिए 25 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डाॅलर तक का सपोर्ट घोषित किया है। इसके साथ ही डीकिन स्टूडेंट्स को ऑनलाइन कोर्सेज भी मुहैया करा रही है।
- लाट्रोब यूनिवर्सिटी की ओर से काेर्स की ट्यूशन फी के 30 प्रतिशत भाग काे कवर करने के लिए स्कॉलरशिप दी जा रही है। यह बिजनेस स्कूल ऑनलाइन कोर्सेज में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को भी यह सुविधा दे रहा है। इसके साथ ही इंस्टीट्यूट का दावा है कि इसने अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स को सपोर्ट करने के लिए 6.8 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर का फंड आवंटित किया है।
- सिडनी स्थित मैक्वारी यूनिवर्सिटी की ओर से पूरे कोर्स की फीस के 25 प्रतिशत भाग को कवर करने वाली स्कॉलरशिप दी जा रही है। साथ ही यह ग्लोबल एमबीए व बीए जैसे फुल-टाइम कोर्सेज को कोर्सेरा जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए डिजिटली उपलब्ध करवा रही है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar
https://ift.tt/2FX2WMI
https://ift.tt/1PKwoAf
No comments:
Post a Comment