Thursday, 25 June 2020

एक्सपटर्स से जानिए सीबीएसई बोर्ड पेपर कैंसल होने का अन्य परीक्षाओं की तैयारी पर क्या असर होगा

सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के बचे हुए पेपर रद्द करने का फैसला किया है। इन दोनों क्लास के 29 सब्जेक्ट्स के पेपर 1 से 15 जुलाई के बीच होने थे।12वीं के स्टूडेंट्स का असेसमेंट अब उनके पिछले 3 एग्जाम के आधार पर होगा। हालांकि, वे बचे हुए पेपर बाद में भी दे सकेंगे।

12वीं के दौरान कई स्टूडेंट्स कॉम्पिटिटिव और एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी भी करते हैं। ऐसे में पेपर कैंसल होने का इन स्टूडेंट्स की तैयारी पर क्या असर होगा? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर ने बात की है विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करा रहे कुछ एक्सपर्ट्स से। जानें इन एक्सपर्ट्स की राय में सीबीएसईके इसफैसले से परीक्षाओं की तैयारी पर क्या असर होगा और परीक्षाएं कब तक होने के आसार हैं।

  • JEE:एमआचरडी कोनियमों में करना होगा बदलाव

जेईई एक्सपर्ट विकास लोया कहते हैं : जेईई परीक्षा को लेकर 12वीं में कुछ न्यूनतम परसेंटेज का क्राइटेरिया रहता है। उम्मीद है एमएचआरडी इस क्राइटेरिया में इस साल छूटदेगा। क्योंकि इंटरनल असेसमेंटमें ये आकलन करना जरा मुश्किल है कि कौन स्टूडेंट उस क्राइटेरिया को पूरा कर पाएगा कौन नहीं।

मेरा आकलन है कि जेईईपरीक्षा भले ही देरी से होगी पर होगी जरूर। भले ही सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाए, पर परीक्षा की तारीखों की घोषणा कर देनी चाहिए। क्योंकि जैसे-जैसे समय बीत रहा है और परीक्षा की तारीखें नहीं आ रही हैं, बच्चों का आत्मविश्वास गिर रहा है।

  • NEET :बच्चों के आत्मविश्वास के साथ पॉलिसी लेवल पर भी कई चुनौतियां

नीट एक्सपर्ट अमित गुप्ता के अनुसार, जो स्टूडेंट गंभीरता से पढ़ाई करते हैं। वे चाहते थे कि 12वीं के सभी पेपर हों। ऐसे में अगर वो नीट की भी तैयारी कर रहे हैं, तो उनका ज्यादा आत्मविश्वास गिरने का डर है। इसके अलावा पॉलिसी लेवल पर भी कई चुनौतियां हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन है कि नीट देने के लिए बायोलॉजी के पेपर में पास होना जरूरी है। ऐसे में सवाल ये है कि जिन स्टूडेंट्स का बायोलॉजी विषय का पेपर छूट गया है, क्या वे नीट दे सकेंगे? सरकार के स्तर पर यह स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। शेड्यूल के अनुसार परीक्षा 24 जुलाई को होनी है। लेकिन, वर्तमान परिस्थितियों को देखकर ऐसा लगता नहीं कि एक बार में ही इसे कराया जा सकेगा। नीट परीक्षा जल्दी करानी है तो इसे शिफ्ट्स में बांटना होगा।

  • CLAT:लॉ स्टूडेंट्स को होगाफायदा

क्लैट एक्सपर्ट हर्ष गगरानी के अनुसार लॉ में एडमिशन लेने जा रहे स्टूडेंट्स सीबीएसई के बचे पेपर कैंसल का फायदा उठा सकते हैं। क्योंकि क्लैट परीक्षा के सिलेबस का अधिकतर हिस्सा 12वीं के सिलेबस में नहीं होता। ऐसे में क्लैट देने जा रहे स्टूडेंट्स को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। अगर बोर्ड यह फैसला नहीं लेता। तो इन स्टूडेंट्स को अगला एक और महीना 12वीं की परीक्षाओं को ही देना पड़ता।

  • SSC :इस समय का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन 5-6% स्टूडेंटही ऐसा कर रहे हैं

एसएससी एग्जाम एक्सपर्ट विकास कुमार मेघल बताते हैं कि एसएससी की 12वीं स्तर की परीक्षा सीएचएसएल अगस्त में होनी है। लेकिन, परिस्थितियों के अनुसार संभावना कम है कि कि परीक्षा हो पाएगी। 12वीं स्तर की ही एक सीपीओ परीक्षा है, जो सितंबर में होनी है। एसएससी परीक्षा के लिहाज से इस फैसले का फायदा ही होगा। लेकिन, अधिकतर स्टूडेंट्स इसका फायदा लेते नहीं दिख रहे हैं। ऑनलाइन कक्षाएं 5-6% स्टूडेंट ही अटेंड कर रहे हैं। जो बच्चे कोचिंग संस्थान खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें कोई खास फायदा नहीं होने वाला। लेकिन, जिन्होंने समय का उपयोग परीक्षा की तैयारी में किया, वे इसका लाभ ले सकेंगे।

साल भर की मेहनत बर्बाद हुई है, वापस फ्लो में आना मुश्किल

आईएएस एग्जाम एक्सपर्ट लक्ष्मी शरण मिश्रा कहते हैं : स्टूडेंट सिर्फ एग्जाम के लिए ही सही, पर विषय को पढ़ लेता है। 10वीं और 12वीं के सिलेबस की पढ़ाई कॉम्पिटिटिव एग्जाम में भी काम आती है। ऐसे में बचे हुए पेपर कैंसल करनेके फैसले ने स्टूडेंट के पढ़ने की लय को तोड़ा है। आगे खतरा यह है कि स्टूडेंट पढ़ाई की लय छोड़कर कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तारीखों में उलझ जाएंगे। परिस्थितियों को देखकर लगता है कि कॉम्पिटिटिव एग्जाम अगस्त से पहले नहीं होंगे। इस समय अधिकतर स्टूडेंट्स के सामने दो सवाल हैं।

तैयारी कर रहे बच्चों के दो सवाल

कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा?

बचे हुए पेपर कैंसल होनेका फायदा ये हो सकता था कि कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। लेकिन, कोचिंग संस्थान बंद हैं। कॉम्पिटिटिव लिहाज से देखें, तो ऑफलाइन कोचिंग ही ज्यादा कारगर।कॉलेज और स्कूल के लिए ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा सकती है। लेकिन, कॉम्पिटिटिव के लिए यह उतना कारगर नहीं है।

एग्जाम कैंसल होने के बाद क्या करें?

अगर आपकी पढ़ाई का फ्लो टूट गया है और आपको लगता है कि मार्क्स सुधारने के लिए दोबारा एग्जाम नहीं दे पाएंगे। तो बेहतर होगा कि किसी स्किल पर काम करें। हार्वर्ड जैसी यूनिवर्सिटीज भी फ्री ऑनलाइन कोर्सेस करा रही हैं। इस तरह के अवसरों का फायदा उठाने के लिए अगले तीन महीनों का समय सबसे उपयुक्त है।



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Impact of CBSE Board's remaining paper cancellation on other examinations


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