Thursday, 25 June 2020

ऐसा होगा तो पीछे छूट सकते हैं स्टूडेंट्स, डीयू की कटऑफ लिस्ट भी CBSE रिजल्ट्स पर निर्भर

CBSE परीक्षाओं बाकी बची परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगा। ऐसे में कोर्ट के फैसले के बाद यह साफ हो जाएगा कि सीबीएसई की परीक्षाएं होंगी या नहीं। और अगर परीक्षाएं होंगी, तो कब?

दरअसल, देश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बीच स्टूडेंट और पैरेंट्स के साथ ही कई राज्य भी परीक्षाओं को रद्द करने के पक्ष में अपनी राय दे रहे हैं। लेकिन,अगर परीक्षाओं के आयोजन में देरी होती है, तो CBSE स्टूडेंट्स को अच्छे कॉलेजोंमें एडमिशनलेने में बाधा आ सकती है।

परीक्षा में देरी के चलते पीछे छूट सकते हैं स्टूडेंट्स

देश के करीब 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं पूरी हो चुकी है। इसमें बिहार, तेलंगाना, उत्तर, प्रदेश, केरल, झारखंड, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश आदि शामिल है।

अब जिन राज्यों में परीक्षाएं पूरी हो चुकी है, वह जल्दी ही कॉलेज और विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए अपनी प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेंगे। ऐसे में अगर 1 से 15 जुलाई के बीच होने वाली CBSE की परीक्षा के फिर स्थगित किया जाता है, तो CBSE स्टूडेंट्स पीछे छोड़ सकते हैं।

स्टूडेंट्स कह रहे -सिचुएशन पैनिक हो जाएगी

  • नोएडा में 11th की पढ़ाई कर रहेस्टूडेंटआदि कृष्णा कहते हैं किअगर जनरल प्रमोशन होता है तो उन स्टूडेंट्स को खासी दिक्कत होने वाली है, जो मार्क्स के आधार पर करिअर की दिशा तय करने वाले थे। जो पहले से ही किसी कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।
  • इंदौर में जेईई की तैयारी कर रहे 12th के स्टूडेंट्सयथार्थ माहेश्वरी कहते हैं, पिछले साल भी 12वीं की ही परीक्षा दी थी। स्कोर सुधारने के लिए ड्रॉप लिया। लक्ष्य रखा था कि इस बार अच्छा स्कोर करूंगा जिससे बेहतर कॉलेज में एडमिशन मिल सके। जनरल प्रमोशन हुआ तो बेहतर कॉलेज में एडमिशन पाना इस साल भी चुनौती पूर्ण होगा। एंट्रेंस एग्जाम को लेकर भी फाइनल डेट्स नहीं आई हैं। डर है कहीं ऐसा न हो कि एकदम कहा जाए पांच दिन बाद एंट्रेंस एग्जाम है। एकदम तारीखों की घोषणा के बाद सिचुएशन पैनिक हो जाएगी। कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन करना चाहता हूं। फैसला ऐसे समय आ रहा है, जब यह एनालिसिस करने का भी समय नहीं है कि कौन सा कॉलेज मेंरे लिए बेहतर होगा। अप्रैल में ही फाइनल डिसीजन हो जाना चाहिए था।
  • भोपाल के12th के स्टूडेंट्स अरूज खान कहते हैं किमेरा सिर्फ बिजनेस का ही पेपर बचा था। जनरल प्रमोशन होने से मेरे करिअर प्लान पर सीधे तौर पर कोई असर नहीं होगा। हां, ये जरूर है कि जिस सब्जेक्ट का पेपर बचा हुआ है वही स्कोरिंग हो सकता था। इससे फाइनल स्कोर पर विपरीत असर प़ड़ेगा। रिजल्ट के बाद बीबीए में एडमिशन लेना है, साथ में कैट की तैयारी करूंगा। जिससे ग्रेजुएशन के बाद आईआईएम में एडमिशन मिल सके। जिन्हें ग्रेजुएशन में एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर एडमिशन लेना है, उन्हें कोई खास दिक्कत नहीं होगी। लेकिन, जिनका एडमिशन मैरिट के आधार पर होगा, उनके लिए जनरल प्रमोशन परेशानी खड़ी कर सकता है।

कोचिंग फैकल्टी की राय-स्टूडेंट्स के आत्मविश्वास में कमी आएगी

भोपाल में सीबीएसई बेस्ड एग्जाम की तैयारी कराने वालीरोजन अकेडमी के फैकल्टी मेंबरचिन्मय बताते हैं कि अगर आज जनरल प्रमोशन होता है तो इससेस्टूडेंट्स के आत्मविश्वास में कमी आएगी। जनरल प्रमोशन हुआ तो ड्रॉप लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ सकती है।जो स्टूडेंट मेहनत करता है, रिजल्ट आने के बाद उसका करिअर में आगे बढ़ने को लेकर आत्मविश्वास बढ़ता है।

CBSE के रिजल्ट के बाद ही जारी होगी डीयू की कटऑफ लिस्ट

दरअसल, परीक्षाओं की वजह से हुई देरी के चलते कई CBSE स्टूडेंट्स को इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कॉलेज और विश्वविद्यालय में एडमिशन की प्रक्रिया से वंचित रहना पड़ सकता है। इतना ही नहीं कोर्ट के दिए निर्देश के बाद CBSE के परीक्षा परिणाम के जारी होने के बाद ही दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) अपनी कटऑफ लिस्ट जारी कर सकता है। ऐसे में परीक्षा में देरी और फिर उसके बाद रिजल्ट में हुई देरी की वजह से विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती हैं।



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CBSE 12th 2020 Board Remaining Exams Update | CBSE students can be left behind due to delays in examinations, the cutoff list of DU is also dependent on CBSE result


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