केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंख ने कहा कि एकेडमिक ईयर 2020 के लिए पाठ्यक्रम को कम करने की योजना बनाई जा रही है। इस बारे में ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा कि मौजूदा हालात को देखते हुए और पेरेंट्स और टीचर्स की तरफ से मिले अनुरोध के बाद हम इस विकल्प पर विचार कर रहे हैं। आने वाले शैक्षणिक सत्र में पाठ्यक्रम और अनुदेशात्मक घंटों में कमी की करने पर विचार किया जा रहा है।
पेरेंट्स कर रहे सिलेबस कम करने की मांग
दरअसल, नए सत्र के देर से शुरू होने और कई स्टूडेंट्स के ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल ना हो पाने की वजह से पेरेंट्स आने वाले सत्र के लिए पाठ्यक्रम कम करने की मांग कर रहे थे। बीते दिनों मानव संसाधन विकास मंत्री ने राज्य के शिक्षा मंत्रियों के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी इस विषय पर अपनी चिंता जाहिर की थी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि मौजूदा हालात को देखते हुए ना केवल स्कूल की पाठ्य पुस्तकों में से अध्याय कम किए जाने चाहिए, बल्कि अगले साल होने वाले जेईई मेन और नीट एंट्रेंस एग्जाम के लिए भी पाठ्यक्रम में बदलाव करने चाहिए।
शिक्षकों और शिक्षाविदों से मांगे सुझाव
हालांकि पाठ्यक्रम से क्या हटाया जाएगा और क्या नहीं, फिलहाल इस पर फैसला नहीं किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए शिक्षकों और शिक्षाविदों से सुझाव मांगे हैं। उन्होंने लिखा कि मैं सभी शिक्षकों और शिक्षाविदों से अपील करता हूं कि वह मेरे ट्विटर या फेसबुक पेज पर #syllabusforstudents2020 का उपयोग करके इस मामले में अपने विचार साझा करें। इससे पहले CBSE ने बताया था कि लाॅकडाउन में पढ़ाई को हुए नुकसान की भरपाई के लिए बोर्ड पाठ्यक्रम काे तर्कसंगत बनाने में जुटा है। यह नया पाठ्यक्रम एक महीने में तैयार हाे जाएगा।
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