सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स की श्रेणी में आने वाले स्टूडेंट्स को 10वीं- 12वीं की बची परीक्षाओं में शामिल ना होने का विकल्प दिया है। दरअसल, इन स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए लिखने के लिए सहायक आवश्यकता होगी। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना कठिन होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए CBSE ने कहा कि ऐसे स्टूडेंट्स के नतीजे वैकल्पिक मूल्यांकन योजना के आधार पर जारी किए जाएंगे।
कैलकुलेटर के प्रयोग कर सकेंगे दिव्यांग छात्र
इस बारे में बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि ऐसे स्टूडेंट्स को लिखने के लिए सहायक उपलब्ध नहीं होता और वह आने वाली परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते हैं, तो वह इस बारे में अपने स्कूलों को जानकारी दे सकते हैं। इसके बाद उनका रिजल्ट वैकल्पिक मूल्यांकन योजना के मुताबिक तय किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अतिरिक्त समय, राइटर या रीडर, कंप्यूटर या लैपटॉप (इंटरनेट के बिना) के साथ ही दिव्यांग बच्चों को इस साल कैलकुलेटर के प्रयोग की भी अनुमति दी गई है। चिल्ड्रन विथ स्पेशल नीड्स (CWSN) श्रेणी के तहत दृष्टिबाधित, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, लोकोमीटर इंपेयरर्ड, बौनापन आदि शामिल है। इस साल ऐसे उम्मीदवारों की संख्या कक्षा 10वीं में 6,844 और 12वीं में 3,718 हैं।
1 से 15 जुलाई के बीच होगी परीक्षा
देशभर में कोरोनावायरस के बढ़ते प्रसार के कारण 24 मार्च से लगाए गए लॉकडाउन की वजह से देश भर के सभी शिक्षण संस्थान बंद है। इसके अलावा सभी राज्यों की बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। इसी क्रम में CBSE ने भी अपनी सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थी, लेकिन अह यह परीक्षाएं देशभर में 1 से 15 जुलाई के बीच आयोजित की जाएगी। कक्षा 12वीं के लिए सिर्फ जरूरी 29 विषयों की परीक्षा ली जाएगी, जबकि 10वीं की परीक्षा केवल उत्तर पूर्व दिल्ली के स्टूडेंट्स के लिए ही आयोजित होगी।
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