सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने इस नए एकेडमिक सेशन से पहली से 10वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य शुरू करने का फैसला लिया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद स्टूडेंट्स के सीखने की क्षमता को और ज्यादा आनंदपूर्ण बनाया है। इस बारे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के जरिए जानकारी साझा की। मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा,"वर्तमान सत्र से सभी सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 1-10 के छात्रों के लिए कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य शामिल किया जा रहा है।"
फैसले के बाद अपडेट सीबीएसई का सिलेबस
इस फैसले के बाद अब पहली से लेकर 10वीं तक के स्टूडेंट्स को शैक्षणिक सत्र 2020-2021 से हर विषय में कम से कम एक कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य अनिवार्य रूप से करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, पहली से आठवीं तक के स्टूडेंट्स को भी नए शैक्षणिक वर्ष में कम से कम एक कला आधाारित प्रोजेक्ट कार्य (ट्रांस-अनुशासनात्मक परियोजना) लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बोर्ड ने स्कूलों को लिखे पत्र में यह बात कही है। इस अधिसूचना के साथ ही अब पहली से 10वीं कक्षा तक के लिए सीबीएसई का सिलेबस भी अपडेट हो गया है।
9 और 11 में फेल हुए स्टूडेंट्स को एक और मौका
इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) ने कक्षा 9 और 11 में फेल हुए छात्रों को पास होने का एक और मौका दिया है। यह फैसला केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की सलाह के बाद लिया गया। जिसके बाद सीबीएसई संबंधित सभी स्कूल कक्षा 9वीं और 11वीं में फेल हुए छात्रों को उन सभी विषयों के लिए एक मौका प्रदान करेंगे, जिनमें वे असफल रहे हैं। स्कूल छात्रों को छूट प्रदान करके ऑनलाइन / ऑफलाइन/ इनोवेटिव टेस्ट लेकर उन्हें अगली कक्षा में प्रमोट करने पर फैसला कर सकते।
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